सात राज्यों में घोषित इश्तिहारी मुजरिम,
फिर भी दुर-दुर करती ज़िंदगी!
कई डकैतियों के लिए जिम्मेदार,
फिर भी गुनाह के अंधड़ में खूँटे से उखड़ा!
कई हत्याओं के लिए जिम्मेदार नृशंस हत्यारा,
फिर भी खुद अपनी सलामती के लिए पनाह माँगता! अपनी सैलाब जैसी ज़िंदगी में ठहराव तलाशता ऐसा शख्स सृष्टि में एक ही हो सकता है: सरदार सुरेन्द्र सिंह सोहल उर्फ विमल
पैंसठ लाख की डकैती
विमल सीरीज का सदाबहार उपन्यास
सुरेन्द्र मोहन पाठक का जन्म 19 फरवरी, 1940 को पंजाब के खेमकरण में हुआ था। विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय दूरभाष उद्योग में नौकरी कर ली। युवावस्था तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लेखकों को पढ़ने के साथ उन्होंने मारियो पूजो और जेम्स हेडली चेज़ के उपन्यासों का अनुवाद शुरू किया। इसके बाद मौलिक लेखन करने लगे। सन 1959 में, आपकी अपनी कृति, प्रथम कहानी “57 साल पुराना आदमी” मनोहर कहानियां नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई।
आपका पहला उपन्यास “पुराने गुनाह नए गुनाहगार”, सन 1963 में “नीलम जासूस” नामक पत्रिका में छपा था। सुरेन्द्र मोहन पाठक के प्रसिद्ध उपन्यास असफल अभियान और खाली वार थे, जिन्होंने पाठक जी को प्रसिद्धि के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचा दिया। इसके पश्चात उन्होंने अभी तक पीछे मुड़ कर नहीं देखा।
उनका पैंसठ लाख की डकैती नामक उपन्यास अंग्रेज़ी में भी छपा और उसकी लाखों प्रतियाँ बिकने की ख़बर चर्चा में रही। उनकी अब तक सवा तीन सौ से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनका नवीनतम उपन्यास विमल सीरीज का ‘सुपर डॉन’ है।
उनसे smpmysterywriter@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है। पत्राचार के लिये उनका पता है : पोस्ट बॉक्स नम्बर 9426, दिल्ली – 110051.
Shreekrishna Ganesh Sangelkar –
Nice novel
AKHTER ALI –
बेहद शानदार उपन्यास
RAVINDRA PAWAR –
Most awaited