वह न्याय का रक्षक था, लेकिन अब अपराध की दुनिया का मोहरा बन चुका है। गोकुल—एक ईमानदार अफसर, जिसने अपनी ज़िंदगी अपराध के खात्मे के लिए समर्पित कर दी। लेकिन नियति का खेल देखिए, आज वह उसी शख्स का दामाद है, जिसे मिटाने की उसने कसम खाई थी! गुंजन—उसकी रहस्यमयी पत्नी। एक ऐसा बंधन, जिसे उसने कभी अपनाया नहीं, लेकिन अब वही उसके जमीर और जिगर के बीच एक अंतर्द्वंद्व बन चुकी है। पर असली खेल तो अब शुरू हुआ है। गुंजन की ख़ामोशी में एक ऐसा राज़ दफ्न है, जिसकी परछाइयाँ पूरे ड्रग साम्राज्य को निगल सकती हैं। क्या गोकुल इस मकड़जाल से बाहर निकल पाएगा, या यह खौफनाक साजिश उसे ही लील जाएगी? पढ़ें धुरंधर: सनक शिरोमणि का दूसरा भाग मिस्टर एण्ड मिसेज धुरंधर।
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