Good binding. White paper printing. Excellent product.
Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.
हसीना को मुसीबत में ना देख पाने की अपनी आदत से मजबूर सुनील ने उस दीवाली की रात को जब एक हसीना की मदद की और उसे अपने फ्लैट में पनाह दी तो वो अंजान हसीना अपने पीछे उसके लिये एक लाश छोड़ गयी। एक ऐसे इंसान की लाश जिसको सुनील पूरे शहर में बड़े खतरनाक इरादों के साथ ढूँढता फिर रहा था और आलाएकत्ल था सुनील का ही खंजर।
ऐसे में कौन मानता कि कातिल सुनील नहीं था?
एक ही बैठक में पठनीय रोमांचक मर्डर मिस्ट्री, जिसमें सुनील की जान जाते-जाते बची।
सुनील और रूपा की अनूठी जुगलबंदी! Deewali ki Raat
सुरेन्द्र मोहन पाठक का जन्म 19 फरवरी, 1940 को पंजाब के खेमकरण में हुआ था। विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल करने के बाद उन्होंने भारतीय दूरभाष उद्योग में नौकरी कर ली। युवावस्था तक कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लेखकों को पढ़ने के साथ उन्होंने मारियो पूजो और जेम्स हेडली चेज़ के उपन्यासों का अनुवाद शुरू किया। इसके बाद मौलिक लेखन करने लगे। सन 1959 में, आपकी अपनी कृति, प्रथम कहानी “57 साल पुराना आदमी” मनोहर कहानियां नामक पत्रिका में प्रकाशित हुई।
आपका पहला उपन्यास “पुराने गुनाह नए गुनाहगार”, सन 1963 में “नीलम जासूस” नामक पत्रिका में छपा था। सुरेन्द्र मोहन पाठक के प्रसिद्ध उपन्यास असफल अभियान और खाली वार थे, जिन्होंने पाठक जी को प्रसिद्धि के सबसे ऊंचे शिखर पर पहुंचा दिया। इसके पश्चात उन्होंने अभी तक पीछे मुड़ कर नहीं देखा।
उनका पैंसठ लाख की डकैती नामक उपन्यास अंग्रेज़ी में भी छपा और उसकी लाखों प्रतियाँ बिकने की ख़बर चर्चा में रही। उनकी अब तक सवा तीन सौ से ज्यादा पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनका नवीनतम उपन्यास विमल सीरीज का ‘सुपर डॉन’ है।
उनसे smpmysterywriter@gmail.com पर सम्पर्क किया जा सकता है। पत्राचार के लिये उनका पता है : पोस्ट बॉक्स नम्बर 9426, दिल्ली – 110051.
Laljeet Jai –
Very good👍
Lokesh Gupta (verified owner) –
Good binding. White paper printing. Excellent product.