साहित्य विमर्श प्रकाशन
₹349
Redeem with 2 Points
Estimated Dispatch: Apr 28, 2026 – Apr 30, 2026
₹349
हसीना को मुसीबत में ना देख पाने की अपनी आदत से मजबूर सुनील ने उस दीवाली की रात को जब एक हसीना की मदद की और उसे अपने फ्लैट में पनाह दी तो वो अंजान हसीना अपने पीछे उसके लिये एक लाश छोड़ गयी। एक ऐसे इंसान की लाश जिसको सुनील पूरे शहर में बड़े खतरनाक इरादों के साथ ढूँढता फिर रहा था और आलाएकत्ल था सुनील का ही खंजर।
ऐसे में कौन मानता कि कातिल सुनील नहीं था?
एक ही बैठक में पठनीय रोमांचक मर्डर मिस्ट्री, जिसमें सुनील की जान जाते-जाते बची।
सुनील और रूपा की अनूठी जुगलबंदी! Deewali ki Raat
| Dimensions | 13.97 × 21.59 cm |
|---|
Deewali Ki Raat -Hard Bound


Laljeet Jai –
Very good👍