अपने पैतृक गाँव में रिटायरमेंट की जिंदगी गुजार रहा जीवन सिंह, लोगों की नजर में एक देवता इंसान था, जिसका कोई दुश्मन नहीं था। लेकिन, बंद हवेली में जब उसकी लाश पाई गई तो घर में मौजूद सभी सदस्य शक के घेरे में आ गए।
प्राइवेट इन्वेस्टिगेटर अक्षय जब इस केस की जाँच शुरू करता है तो उसे पता चलता है कि घर के सभी सदस्यों के पास जीवन सिंह की हत्या का कोई न कोई उद्देश्य ज़रूर था…
एक साधारण सा दिखने वाला केस, जो हर गवाह के बयान के बाद उलझता चला गया।
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