एक सीधी सरल सी विजातीय प्रेम कहानी, जिसमें बगावत में भी प्रेम छिपा है। मुंबई की गलियों से भटकते हुए इश्क जो लन्दन की गलियों में जा ठहरा। उड़ान रोकने के लिए अतीत के कुछ धागे भी थे, कभी खुद से लड़कर, कभी समाज से लड़कर। अपना मुकाम पाने की यात्रा पर निकले दो लोग, अपनी मीलों की दूरियों से बनते संवरते गए। लेखिका को इतनी मीठी सी प्रेम कहानी से रूबरू कराने का शुक्रिया।
वरदा और जैकब को पता ही नहीं चला कि कब वे एक दूसरे के नज़दीक आ गये।
वे शादी करना चाहते थे लेकिन ऐसा होना मुमकिन नहीं दिख रहा था।
पर दिल के हाथों दोनों मजबूर थे।
दिल एक ऐसा मदारी बन गया था जो उन्हें नचा रहा था। वरदा अपनी उलझनों में घिरी जी रही थी। क्या थीं उसकी उलझनें?
क्या दोनों का प्यार अपनी मंज़िल तक पहुँच पाया?
Anupam Chitkara (verified owner) –
एक सीधी सरल सी विजातीय प्रेम कहानी, जिसमें बगावत में भी प्रेम छिपा है। मुंबई की गलियों से भटकते हुए इश्क जो लन्दन की गलियों में जा ठहरा। उड़ान रोकने के लिए अतीत के कुछ धागे भी थे, कभी खुद से लड़कर, कभी समाज से लड़कर। अपना मुकाम पाने की यात्रा पर निकले दो लोग, अपनी मीलों की दूरियों से बनते संवरते गए। लेखिका को इतनी मीठी सी प्रेम कहानी से रूबरू कराने का शुक्रिया।
Poonam Ahmed (verified owner) –