Hind Yugm Prakashan
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‘गुल्लू भयंकर’ (Gullu Bhayankar) नब्बे के दशक के एक छोटे से क़स्बे की रंगीन, मनोरंजक और टकरावों से भरी कहानी है, जहाँ के युवा फ़िल्मी अभिनेताओं से गहरे प्रभावित हैं। क़स्बे के लड़के अपने पसंदीदा हीरो की तरह दिखने, पहनने और बोलने की होड़ में लगे रहते हैं ताकि उन्हें उनके असली नाम की जगह उनके पसंदीदा हीरो के नाम से पहचाना जाए। इसी चाहत में मिथुन क़स्बे का पहला हीरो बनता है और उसके फ़ॉलोवर्स ‘डिस्को डांसर्स’ कहलाते हैं। बाद में अजय के आने के बाद क़स्बे में ‘दिलवाले’ नाम का दूसरा ग्रुप बनता है और क़स्बा दो धड़ों में बँट जाता है। तभी गुल्लू की वापसी होती है—रहस्यमयी, स्टाइलिश और खुले हाथ से पैसे उड़ाने वाला गुल्लू भयंकर, जो दोनों ग्रुप्स को अपनी ओर खींच लेता है। कहानी दोस्ती, टकराव, सपनों और एक फ़िल्म बनाने की जद्दोजहद के बीच उतार-चढ़ाव भरे सफ़र से गुज़रते हुए अपने मुक़ाम तक पहुँचती है।
एक रोलर-कोस्टर राइड की तरह, इस कहानी में भी कई उतार-चढ़ाव हैं—लेकिन आप बेफ़िक्र होकर इसमें सवार हो सकते हैं, क्योंकि गुल्लू भयंकर और उसके किरदार आपको अंत तक बाँधे रखेंगे।
संजय दत्त शर्मा :
वर्तमान में ग़ाज़ियाबाद में निवास कर रहे संजय दत्त शर्मा मूलतः उत्तर प्रदेश के छोटे-से क़स्बे जलेसर से संबंध रखते हैं। वे एक भारतीय मल्टीनेशनल समूह में विधि क्षेत्र में कार्यरत हैं। बचपन में मंदिर परिसर के प्राचीन ग्रंथों, नब्बे के दशक की कॉमिक्स और साहित्यकारों की कहानियाँ पढ़ते-पढ़ते उन्हें हिंदी साहित्य से गहरा लगाव हो गया।
आगरा से स्नातक शिक्षा के दौरान वरिष्ठ रंगकर्मी श्री राजेंद्र रघुवंशी के सान्निध्य में रहकर उनका साहित्य और रंगमंच से जुड़ाव और सशक्त हुआ। कॉलेज जीवन में वह कविताओं, नाटकों और लगभग दो सौ से अधिक नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से साहित्य और रंगमंच के क्षेत्र में सक्रिय रहे। वर्तमान में भी कई राष्ट्रीय मंचों और नेशनल टेलीविजन पर कविता-पाठ करते हुए भी संजय दत्त शर्मा ने अपनी साहित्यिक यात्रा को जारी रखा। उनके लेख विभिन्न दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहे हैं।
वर्ष 2024 में प्रकाशित उनका पहला कहानी-संग्रह ‘क़स्बा – शहर और गाँव के बीच पकी कहानियाँ’ पाठकों को ख़ूब पसंद आया। ‘गुल्लू भयंकर’ उनकी दूसरी प्रकाशित पुस्तक और पहला उपन्यास है।
| Weight | 160 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 13 × 2 cm |
| Number of Pages | 200 |


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