साहित्य विमर्श प्रकाशन
₹249
Estimated Dispatch: Jul 13, 2026 – Jul 15, 2026
₹249
एक प्रतिष्ठित परिवार की सदस्या
एक ऐसी महिला की कहानी
जो कदम कदम पर झूठ बोलती थी
जिसे अपने हितैषी और मददगार सुनील से भी
झूठ बोलने से कोई गुरेज नहीं था
जिसकी बाबत जिद करने लगी थी कि उसने जिस शख्स को
गोली चलने के बाद मौकाएवारदात से भागते देखा था
वो सुनील था।
झूठी औरत
नया, परिवर्धित संस्करण! मूल कथानक से बिल्कुल जुदा!
जिसे लेखक ने शुरू से आखिर तक फिर से लिखा।
| Weight | 275 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 15 × 2.5 cm |
Jhoothi Aurat

LCN Sarthi –
एक बेहतरीन कहानी जिसका मैं तलबगार था। मैं पाठक जी को पिछले १९८४ से पढ़ रहा हूं , जब मैं इंटरमीडिएट का छात्र था। कहानी का संकलन हेतु मैंने इसे खरीदकर अपने लाइब्रेरी में संग्रहीत किया है। सुनील अपने स्टाइल में है और कथानक बेहतरीन है। एक बेहतरीन कहानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने केलिए धन्यवाद
Anuj Jain (verified owner) –
शानदार