साहित्य विमर्श प्रकाशन
₹249
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Estimated Dispatch: Jan 27, 2026 – Jan 29, 2026
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एक प्रतिष्ठित परिवार की सदस्या
एक ऐसी महिला की कहानी
जो कदम कदम पर झूठ बोलती थी
जिसे अपने हितैषी और मददगार सुनील से भी
झूठ बोलने से कोई गुरेज नहीं था
जिसकी बाबत जिद करने लगी थी कि उसने जिस शख्स को
गोली चलने के बाद मौकाएवारदात से भागते देखा था
वो सुनील था।
झूठी औरत
नया, परिवर्धित संस्करण! मूल कथानक से बिल्कुल जुदा!
जिसे लेखक ने शुरू से आखिर तक फिर से लिखा।
| Weight | 275 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 15 × 2.5 cm |
Jhoothi Aurat


LCN Sarthi –
एक बेहतरीन कहानी जिसका मैं तलबगार था। मैं पाठक जी को पिछले १९८४ से पढ़ रहा हूं , जब मैं इंटरमीडिएट का छात्र था। कहानी का संकलन हेतु मैंने इसे खरीदकर अपने लाइब्रेरी में संग्रहीत किया है। सुनील अपने स्टाइल में है और कथानक बेहतरीन है। एक बेहतरीन कहानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने केलिए धन्यवाद
Anuj Jain (verified owner) –
शानदार