अपने लोभ और वासना के लिए रिश्तों की बलि चढ़ा देने वाले एक वहशी की कहानी जो पिता के कत्ल के इल्ज़ाम में गिरफ्तार था, लेकिन कैद से छूटते ही उसने जैसे कहर ढा दिया। हिजड़ों का गिरोह जिसके चंगुल में फँसे राम और श्याम! क्या भोलाशंकर राम और श्याम को हिजड़ों की मंडली में शामिल होने से बचा पाएगा? कौन था बौना उस्ताद? क्या रिश्ता था उसका पितृहंता वहशी से? सारे सवालों के जवाब के लिए पढ़ें बौने उस्ताद..
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