Only logged in customers who have purchased this product may leave a review.
क्रिकेट के किस्से भला कहाँ ख़तम होने वाले हैं। क्रिकेट के अनुसने किस्से (Cricket ke Unsune Kisse) में क्रिकेट से जुड़े ऐसे ही कुछ किस्सों को सँजोया गया है। इसमें ज़्यादातर ऐसे क़िस्से हैं जो लेखक शिवेंद्र कुमार सिंह (Shivendra Kumar Singh) की आँखों के सामने घटे। कुछ ऐसे हैं जिनके बारे में उन्होंने सुन रखा था और कुछ ऐसे जो पिछले कई सालों के दौरान पढ़ी गई किताबों में मिले। कुछ क़िस्से ऐसे भी हैं जो इधर-उधर खिलाड़ियों के इंटरव्यू देखकर या सुनकर मिले। कुछ तो ऐसे हैं जो खिलाड़ी ख़ुद भी भूल चुके थे। इस किताब में ऐसी कई घटनाओं का ज़िक्र है जो हर क्रिकेट प्रेमी को मालूम है, लेकिन किताब में उन घटनाओं के क़िस्से और उन किस्सों के पीछे के किस्सों को भी संजोया गया है। यहाँ उन प्रसंगों को ही लिया गया है जिन्हें पढ़कर आपको मज़ा आए और आप क्रिकेट की किस्सागोई का लुफ़्त उठा सकें। कुछ चुनिंदा वृत्तांत ऐसे भी हैं जो गंभीर किस्म के हैं लेकिन उन्हें आप तक पहुँचाना ज़रूरी है। इस किताब में एशियाई खिलाड़ियों को ज़्यादा जग़ह दी गई है क्योंकि उनके बारे में जानने में हमारी दिलचस्पी ज़्यादा होती है।
Reviews
There are no reviews yet