पाठकों की राय
2 reviews for Goli | गोली
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Goli – ‘‘मैं जन्मजात अभागिनी हूँ। स्त्री जाति का कलंक हूँ। परन्तु मैं निर्दोष हूँ, निष्पाप हूँ। मेरा दुर्भाग्य मेरा अपना नहीं है, मेरी जाति का है, जाति-परम्परा का है; हम पैदा ही इसलिए होते हैं कि कलंकित जीवन व्यतीत करें।
| Weight | 200 g |
|---|---|
| Dimensions | 14 × 1.5 × 20 cm |

Aman tasera –
Abhi tak mene padha nhi hai so no idea for book
Darshan Jogi –
रोचक कहानियां. उदास पानी में डूबा चांद – एक क्लासिक किताब है. इस किताब को हर उस व्यक्ति को पढ़ना चाहिए जो हिंदी साहित्य में किसी खास कहानी की तलाश में रहता है.