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1 review for Ishita Ki Soojhboojh
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Ishita Ki Soojhboojh – इशिता के दो ही शौक थे। घूमना और पढ़ना। आज वो बहुत खुश थी क्योंकि आज उसे अपने दोनों ही शौक पूरा करने का मौका मिलने वाला था। मामा के घर घूमने जाना और साथ ही, मेट्रो में किताब पढ़ना।
पर वह कहाँ जानती थी कि आज का सफर कुछ अलग सा होने वाला था।
कैसा रहा इशिता का ये सफर?
जानने के लिए पढ़ें इशिता की सूझबूझ।
विकास नैनवाल पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। मूलतः पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड से आते हैं और फिलहाल गुरुग्राम में वक्त गुजार रहे हैं।किस्से कहानियाँ पढ़ने का शौक है। अपने इस शौक के चलते सॉफ्टवेयर के क्षेत्र से प्रकाशन के क्षेत्र में उन्होंने कदम रखा और साहित्य विमर्श प्रकाशन के सह-संस्थापक बने। वह लेखन के अतिरिक्त सम्पादन और अनुवाद कार्य भी करते हैं। उनकी कई रचनाएँ और अनुवाद पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए हैं।उनके अब तक तीन साझा संकलन, दो रचना संकलन और दो अनुवाद प्रकाशित हो चुके हैं।वह ‘एक बुक जर्नल’ नामक किताबों से जुड़ी एक वेब पत्रिका का सम्पादन भी करते हैं। इसके अतिरिक्त अपने विचारों और अपनी रचनाओं को वो अपनी वेबसाइट दुईबात पर दर्ज करते हैं।
| Weight | 100 g |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 17 × 2 cm |
| फॉर्मैट | पेपरबैक |
| भाषा | हिंदी |
| Number of Pages | 38 |
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Ishita Ki Soojhboojh
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Yogesh –
Bahut badhiya.