Sooraj Pocket Books
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मुरांग: रांची शहर एक के बाद एक रहस्यमयी हत्याओं से काँप उठा है। न कोई निशान, न कोई हथियार, न कोई कारण—जैसे मौत ने खुद अपना चेहरा छुपा लिया हो। जब रुद्राणी मृत आत्माओं से संपर्क साधने की कोशिश करती है, तो अनजाने में एक भयावह शक्ति से जुड़ जाती है। पुराणों में वर्णित 28 नर्कों में से सबसे भयावह नर्क है—”रौरव”, जहाँ आत्माएं अपनी सबसे भयानक सजा काटती हैं। कौन खोलना चाहता है रौरव नर्क का द्वार? किसके पास है उस द्वार की चाबी? और… क्या है ‘मुरांग’? जब सब असफल हो जाते हैं, रुद्राणी बुलाती है अपने गुरु भद्राचार्य को। पर क्या वे इसे रोक पाएंगे? या उन्हें सामना करना होगा उस रहस्यमयी शक्ति से, जिसे उनके गुरु शिवानंद ने ‘रूद्र’ कहा था? क्या इंसानियत बच पाएगी?
या पृथ्वी बन जाएगी नर्क का दरबार?
परी: पुणे से दूर एक पहाड़ी मेंटल हॉस्पिटल में शुरू हुआ है मौत का खेल। मरीज कंकाली का दावा है—”रक्त चन्द्रिमा की रात एक परी आएगी…” कौन है ये परी? जिसने दस महाविद्याओं की झलक के लिए अपनी आँखें खो दीं, वो कंकाली किससे डरी हुई है? डॉक्टर बनर्जी को जंगल में मिली लड़की कौन है? वो खुद को पागल क्यों कहती है? और मकसूद अली की जान क्यों लेना चाहती है? क्या डॉक्टर बनर्जी इन हत्याओं को रोक पाएंगे? या ये हॉस्पिटल बन जाएगा एक तांत्रिक भयकथा का अखाड़ा?
इच्छाधारी: अग्रवाल साहब की ज़िंदगी में अचानक डर ने दस्तक दी है। पहले नौकरानी ग़ायब हुई… फिर बड़ी बेटी। क्या ये महज़ इत्तेफ़ाक है? या किसी डरावने रहस्य की शुरुआत? सभी शक की निगाहें टिकती हैं नए किरायेदार संजय और उसकी रहस्यमयी पत्नी पर। क्यों उनकी मौजूदगी से छोटी बेटी घबरा जाती है? क्या सच में कुछ छुपा है उनके भीतर… इंसान से परे?
हरित: सुंदरबन के घने जंगलों में एक पिशाच का आगमन… और देखते ही देखते पूरा गांव तबाह। बौद्ध तंत्र में वर्णित है वन देवता “बारस्तुक” का अभिशाप। क्या वही लौटा है? या कोई और… जो हर जीवन को हरियाली समेत निगल रहा है? कौन है वह पिशाच? और कैसे रुकेगा यह विनाश?
शाकिनी: विक्रम, एक हाईवे हीच हाईकर —आज खुद किसी और का शिकार बन गया है।
एक रहस्यमयी गिरोह ने उसका अपहरण कर लिया है। क्या चाहते हैं ये लोग? क्या विक्रम बच पाएगा?
या बन जाएगा किसी भयानक योजना का हिस्सा?
चोर: कासिम को कलीमुद्दीन शेख के घर चोरी करते हुए पकड़ा गया। गांववालों ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला। पर अब वह लौट आया है। इंसाफ के लिए… या बदले के लिए? क्या सच में उसने चोरी की थी? या कोई और छुपा है इस खौफनाक कहानी के पीछे?
| Weight | 210 g |
|---|---|
| Dimensions | 21 × 13 × 2 cm |
| Number of Pages | 212 |


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