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राजन इकबाल रिबोर्न (Rajan Iqbal Reborn) शृंखला के दो रोमांचक उपन्यास:
★मौत का जादू★ इक़बाल नफीस के साथ उसके बीमार चचा लियाकत खान के हालचाल पता करने सोहनपुर नाम के एक छोटे-से गाँव में स्थित महल में पहुँचता है। महल में उनका स्वागत लियाकत की जगह एक भयानक-सी सूरत वाला नौकर ड्रैकुला और एक भेड़िया करते हैं। इक़बाल और नफीस के पास उस रहस्यमयी महल में रुककर लियाकत के लौटने का इंतज़ार करने के सिवाये कोई और रास्ता नहीं था। फिर शुरू होती है काला जादू, तंत्र-मन्त्र और रहस्य-रोमांच से भरी एक खौफ़नाक कहानी।
★जिस्म बदलने वाले★ किशनलाल एक कुख्यात डाकू था जो कि चंदननगर की सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। एक रात किशनलाल जेल के डॉक्टर के साथ भाग जाता है। उसी रात यह पता चलता है कि जेल में क़ैद एक तांत्रिक की मौत हो चुकी थी जो कि काला जादू करने में एक्सपर्ट था। इस वाकये से अभी जेल का प्रशासन उभरा भी नहीं था कि मरे हुए तांत्रिक का भाई ख़ुद को जेल का डॉक्टर बताने लगता है। राजन और शोभा इस गुत्थी को सुलझाने में लग जाते हैं। दूसरी तरफ़ इकबाल, सलमा व नफीस जो कि एक शादी अटैंड करने जा रहे थे बीच रास्ते एक बियाबान जंगल के बीच बने होटल में रुकने के लिए मजबूर हो जाते हैं। उसके बाद शुरू होता है भूत-प्रेत, जादू-टोने का एक भयावह खेल जिसमें जीतना जासूस मंडली के लिए आसान नहीं था।
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