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हर क़त्ल के पीछे एक मंशा होती है, पैसा, नाकामयाब इश्क़, बदला, शोहरत या सत्ता का लालच। यूँ ही कोई उठ कर किसी का क़त्ल नहीं कर देता। क़त्ल एक कॉम्पलेक्स्ड खेल है।
दिल्ली के अधेड़ करोड़पति बिजनेसमैन श्याम का क़त्ल हो गया है। एक हिल स्टेशन के रेजॉर्ट में, जहाँ वह कल अपने से तीस साल छोटी लड़की मायरा के साथ आया था। मायरा सोचती है कि श्याम उसका शुगर डैडी है, उसे चाहता है, उससे शादी करना चाहता है। पर उस भटकी हुई और टूटे परिवार से निकली लड़की को यह नहीं पता कि उसी रेजॉर्ट में उसकी फ़िरंगी पहली दिवंगत पत्नी की बेटी, पैसे की लालची दूसरी पत्नी अपने बेटे के साथ और होने वाली रहस्ममई तीसरी पत्नी भी मौजूद हैं। और सबके पास है श्याम का क़त्ल करने की तगड़ी वजहें।
कौन सुलझाएगा यह मिस्ट्री? आप? तो शामिल हो जाइए इस रोमांचक और पल-पल बदलते समीकरणों को सुलझाने की दौड़ में… शुगर डैडी (Sugar Daddy) जयंती रंगनाथन का नवीनतम् उपन्यास…
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